IAS बनने के लिए उपयुक्त जीवनशैली

बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण उम्मीदवारों के लिए आईएएस परीक्षा में सफल होना बेहद कठिन हो गया है। वास्तव में प्रत्येक वर्ष आईएएस के लिए चुने जाने वाले कुछ भाग्यशाली उम्मीदवारों और परीक्षा में विफल रहने वालों के बीच का अंतर कम होता जा रहा है । आईएएस परीक्षा को इतना कठिन बनाने के मुख्य कारणों में से एक है कि यह परीक्षा आपके ज्ञान की परीक्षा के अलावा आपके जीवनशैली, व्यक्तित्व और चारित्रिक गुणों की भी परीक्षा होती है। ज्ञान तो किताबों और संसाधनों से प्राप्त किया जा सकता है लेकिन जीवनशैली के गुण जैसे आत्म– अनुशासन, प्रेरणा, समयनिष्ठा जैसे अन्य तथ्यों की जानकारी हमें किताबों से नहीं मिल सकती है ।

ये किसी के जीवनशैली का हिस्सा होते हैं और समय के साथ उनमें विकसित होते हैं। जब बात अंतिम चयन की आती है तब ये गुण ही उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अंतर पैदा कर देते हैं। जब बात आईएएस परीक्षा की हो और आप इस भीड़ से अलग होना चाहते हों तो नीचे लिखे तथ्यों को पढ़कर आप जान सकते हैं कि कैसे आपकी जीवनशैली इस परीक्षा में सफलता के मार्ग में आपकी मदद कर सकती हैं।
पड़ने की आदत

आपने अपने शिक्षकों, कोच और यहां तक की सहपाठियों से भी यह जरूर सुना होगा कि आईएएस की परीक्षा में सफल होने की कुंजी है पढ़ाई करना। हालांकि वे मजाक नहीं कर रहे थे। आईएएस सीसैट परीक्षा का लगातार बढ़ता– पाठ्यक्रम और यहां तक कि विषय विशेष पेपर के व्यापक पाठ्यक्रम से पार पाने का एक मात्र रास्ता भी यही है कि आप खुद में पढ़ने की आदत विकसित करें। पढ़ने की यह आदत आप पर थोपी नहीं जा सकती और आपमें यह स्वाभाविक रूप से होनी चाहिए। इसलिए आईएएस की परीक्षा की तैयारी यदि आप कर रहे हैं तो किताबी कीड़ा होना निश्चित रूप से आपके पक्ष में होगा। ज्ञान के अलावा किताबों की मदद से आप अपनी भाषा कौशल और नई लेखन शैली का प्रयोग करना भी सीख सकते हैं।

किताबी कीड़े होने के अलावा आपको अलग तरह की किताबें पढ़ने की भी कोशिश करनी चाहिए। यदि आपको सिर्फ उपन्यास पढ़ना अच्छा लगता है और शैक्षिक किताबें नहीं तो यह आपके लिए अच्छा नहीं है। इसलिए अपने पढ़ाई के कार्यक्रम में अलग– अलग प्रकार की किताबों को शामिल करें और पढ़ने की आदत में विविधता लाएं।
सूचनाप्रद टीवी चैनलों को देखें

यह जीवनशैली की एक और बेहद महत्वपूर्ण विशेषता है जो आईएएस अधिकारी बनने की दिशा में आपके प्रयास में काफी मदद करेगा। कई शोध अध्ययनों ने यह सिद्ध किया है कि मनुष्य साधारण पाठ के मुकाबले चित्र रूप में दी गई जानकारी से ज्यादा सीखते हैं। टीवी देखने के आदी रहें l  आईएएस उम्मीदवारों के लिए यह बहुत काम करता है। आज के समय में आपके कई सूचनाप्रद टीवी चैनल मिल सकते हैं। इसमें डिस्कवरी और नेशनल ज्योग्राफिक जैसे पुराने चैनल भी हैं जो अलग–अलग विषयों पर आपका ज्ञान बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा भारत पर फोकस बढ़ाते हुए इन चैनलों ने भारत–केंद्रित शो और वीडियो भी बनाने शुरु कर दिए हैं जो आपको हमारे देश के बारे में बहुत कुछ सीखने में मदद कर सकते हैं।

इंटरनेट का इस्तेमाल करें

हम इंटरनेट के युग में जी रहे हैं और आईएएस के उम्मीदवारों के लिए अपनी तैयारी के दौरान इंटरनेट पर भरोसा करना स्वाभाविक है। आईएएस के उम्मीदवारों के लिए खास तौर पर बनाई गईं वेबसाइटों के अलावा आप यूट्यूब, गूगल न्यूज, विकिपीडिया और ऐसे ही अन्य वेबसाइटों जैसे वैकल्पिक स्रोतों का भी प्रयोग कर सकते हैं। असल में कई सफल उम्मीदवारों ने जटिल अवधारणाओं और विषयों  जो उनके मुख्य शिक्षा का हिस्सा नहीं रहे हैं, को समझने के लिए आईएएस उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध स्रोतों में यूट्यूब को सबसे अच्छा माना है। उदाहरण के लिए मानविकी पृष्ठभूमि का कोई छात्र ट्यूटोरियल वीडियो के माध्यम से ऊष्मागतिकी (thermodynamics) को बहुत आसानी से समझ सकता है। इसी प्रकार गूगल न्यूज ऐसा स्रोत है जो आपको राष्ट्रीय के साथ– साथ अंतरराष्ट्रीय महत्व की घटनाओं के बारे में सभी अपडेट मुहैया कराता है।

यात्रा

एक पुरानी कहावत है– ‘सीखने के लिए यात्रा से बेहतर कोई तरीका नहीं है।’ और जब बात आईएएस परीक्षा की हो तो यह पूरी तरह से सच है। अगर आप यात्रा करने के शौकीन हैं और आपको नई एवं दिलचस्प स्थानों की यात्रा करना पसंद है, तो यह आपको उस स्थान के इतिहास, संस्कृति और यहां तक की भूगोल के बारे में बहुत कुछ सीखा सकता है। यात्रा आपके दृष्टिकोण में बहुत सारी चीजों को डालता है। उत्तर में रहने वाले ज्यादातर आईएएस उम्मीदवारों के लिए मुगल इतिहास को जानना आसान हो सकता है। आपको सिर्फ यह करने की जरूरत है कि आप पाठ्यक्रम में दिए गए लोकप्रिय किलों और अन्य स्थानों पर जाएं। लाल किले में जाना आपको उससे जुड़े इतिहास के बारे में 100 पन्ने पढ़ने से भी अधिक सिखा देगा। इसी प्रकार  यदि आप अरावली की पहाड़ियों की स्थलाकृति के बारे में जानना चाहते हैं तो वहां व्यक्तिगत तौर पर जाना सबसे अधिक काम आएगा। सीखने के सबसे अच्छे अनुभवों में से एक है उत्तर– पूर्व के सात राज्यों (सेवन सिस्टर्स) की यात्रा जहां इस इलाके के बेहद अलग संस्कृति और परंपराओं के बारे में पूर्णतः जाना जा सकता है ।

रचनात्मक बनें

वस्तुतः रचनात्मक लोग चीजों को उस नजरिए से नहीं देखते जैसे वे होते हैं, वे चीजों को उस नजरिए से देखते हैं कि वे क्या हो सकते हैं। अगर आप आईएएस बनने की इच्छा रखते हैं तो इस उद्धरण को आपके जीवन की सफलता के एक मंत्रों में से एक होना चाहिए। बतौर आईएएस अधिकारी आपसे कई सारी अलग– अलग परिस्थितियों से निपटने, कुछ रचनात्मकता की जरूरत वाले और लीक से हट कर कठिन फैसले करने की उम्मीद की जाएगी। संक्षेप में कहें तो गूढ़ बातों को समझना और जटिल समस्याओं के लिए सरल लेकिन रचनात्मक समाधान प्रस्तुत करना आपकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी। आईएएस की परीक्षा की पूरी परीक्षा के दौरान आपकी योग्यताओं की भी परीक्षा होती है और इसलिए रचनात्मक सोच सफल आईएएस अधिकारी बनने में आपकी मदद करेगा। वास्तव में रचनात्मक सोच आपको आईएएस परीक्षा में सफल होने के लिए तैयारी करने की नई रणनीति बनाने में भी मदद कर सकती है।

विवेचनात्मक (समीक्षात्मक,समालोचनात्मक) सोंच  

रचनात्मकता की तरह ही विवेचनात्मक सोच भी आईएएस बनने की इच्छा रखने वालों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। आईएएस अधिकारी देश के नौकरशाही सेटअप में अनेक विषयों की जानकारी रखने वाले होते हैं। कई लोग इस बात से असहमत हो सकते हैं लेकिन बतौर अभ्यर्थी यह गुण आपके पक्ष में होगा। आईएएस परीक्षा के पाठ्यक्रम का ज्यादातर हिस्सा हमारे दैनिक– जीवन से कवर होता है, आपको परिप्रेक्ष्य समझने के लिए इन पर सिर्फ विवेचनात्मक तरीके से सोचने की जरूरत है। आज के समय में उपलब्ध ज्यादातर जानकारी विवेचनात्मक सोच, लोगों के सामान्य प्रश्नों और गतिविधियों  का ही परिणाम है। इसी प्रकार यदि आप अवधारणाओं का विशलेषण और विवेचनात्मक परीक्षण कर सकते हैं और उन्हें अपने दैनिक जीवन से जोड़ कर देख सकते हैं तो यह आपको अवधारणा को विस्तार से समझने और आईएएस की परीक्षा में प्रश्नों का उत्तर देने में मदद कर सकता है। इसलिए शर्लक होम्स के बताये गए इस कथन ‘देखना बंद करें और आज से ही समीक्षा करना शुरु कर दें’ के अनुसार कार्य करना शुरू करें ।

समयनिष्ठता और समय प्रबंधन

स्कूल के दिनों से ही हमें ‘समयनिष्ठ’ होना कहा जाता रहा है। हममें से कई लोगों ने इसे स्वीकार कर लिया है और इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लिया है, लेकिन अभी भी ऐसे कई लोग हैं जो अभी भी अपना समय प्रबंधित करने में अक्षम हैं। अगर आप दूसरे प्रकार के लोगों में से हैं, तो आपको ज्यादा सावधानी बरतनी होगी क्योंकि यह आईएएस परीक्षा में सफल होने के आपके अवसर को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। आईएएस अभ्यर्थी के लिए समय सबसे दुर्लभ संसाधन है। इसलिए परीक्षा में सफल होने के लिए समयनिष्ठ होना और समय का उचित प्रबंधन महत्वपूर्ण है। इसी प्रकार यह अभ्यर्थियों को उस अनुशासित जीवन के लिए तैयार करता है जिसका पालन उन्हें आईएएस परीक्षा में सफल होने के बाद करना होता है।

प्रतिबद्धता और आत्म– प्रेरणा

आईएएस की परीक्षा को दुनिया भर की भर्ती परीक्षाओं में सबसे कठिन कहा जाता है और यह बिल्कुल सच भी है। कुछ सौ सीटों के लिए लाखों आईएएस अभ्यर्थियों की होड़, वास्तव में इसमें सफल होना आसान नहीं है। व्यक्तिगत या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह से जब आप पढ़ाई नहीं कर पाते तो समय के लिहाज से परिस्थितियां और कमजोर हो जाती हैं। आपको भारी– भरकम संदर्भ पुस्तकों को पढ़ने के लिए कभी-कभी शक्ति और प्रेरणा की आवश्यकता होती है l अगर आप आईएएस की परीक्षा में सफल होने के लिए प्रतिबद्ध आत्म– प्रेरित व्यक्ति हैं, तो यह आपके लिए बहुत आसान हो जाएगा। प्रतिबद्धता और आत्म– प्रेरणा को मन में बैठाना आईएएस की परीक्षा में सफल होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है l

ये तो बस कुछ–एक जीवन लक्षण हैं जो आईएएस परीक्षा में सफल होने की आपकी यात्रा में मदद कर सकते हैं। यदि आपको लगता है कि आईएएस की परीक्षा में अभ्यर्थियों को सफल बनाने में मदद करने वाले कोई अन्य महत्वपूर्ण गुण या व्यक्तित्व के लक्षण हमसे छूट गए हैं तो अपनी टिप्पणियों द्वारा हमें बताएं।

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